Police intimidate Pastor to reconvert, threaten with arrest, Uttar Pradesh.

Police intimidate Pastor to reconvert, threaten with arrest, Uttar Pradesh. 

 

Rev. Andrew & Rev. John Joy who serve with the Himalaya Evangelical Mission, spoke to Persecution Relief about an ordeal faced by one of their Pastors, Sujeet Masih, who has beenassociated with them for the past 15 years.

Pastor Sujeet Masih and his family live in a rented house at a village called Siyarapar, located in Bansi Tehsil of Siddharthnagar, a district in the Indian state of Uttar Pradesh.

He also runs a ‘House Church’ at the same place, where about30 Christian families gather together to worship every Sunday. Being poverty-stricken and unable to afford a proper building or land for the same, they all gather at the Pastors rented home.

On 10/01/20, the Pastor and his wife went to Sister Raj Kumari’shouse for a prayer meeting along with 3 other Christian families in attendance.

As the meeting progressed, they spent some time reading the book of Psalms from the Holy Bible when all of a sudden, somebody from outside the house called out loudly to Sister Raj Kumari. As she walked out she seen her neighbour who lives in the opposite house, Mr.Aman Tiwari, who appeared to be very curious, asked her what was happening inside her home. She calmly replied that they were praying together. He then asked her if she could get him some Christian matter to read, like the Holy Bible. Completely oblivious to her Neighbour’s intentions, she gladly went in and brought out a Gideon New Testament Bible  and presented it to him.

As narrated by the Pastor to Persecution Relief, “at approximately 8:30pm as I was bringing the meeting to a close, a few policemen suddenly arrived and asked me to write my name and address, my wife’s name address, children’s names and school’s name on a blank piece of paper. I told them that Iwould come to the Police Station within an hour, but they refused to listen saying that a senior official had put a lot of pressure on them and they would need to immediately take me to the Bansi Police station. There they began accusing me ofindulging in religious conversion” The police officials, whose names are not known, threatened the Pastor that they would put him and his family behind bars and file an FIR against him if he did not forsake Jesus Christ.

The Neighbour, Mr.Aman Tiwari, who cunningly took the Bible, slyly informed the Police about the Prayer meeting and falsely accused the Pastor of religious conversion.

In the meantime, Our Persecution Relief representative, Sister Minakshi, first spoke to the Pastor’s wife and encouraged her to be strong in her faith and then spoke to Inspector Shailesh Singhand reasoned out with him. By God’s favour and grace, The Pastor was released by 9:30pm but was asked to return on the morning of  11/01/2020 with documentation of his identity.

The Pastor promptly returned to the Police Station but was disheartened as the Police, almost in a threatening manner, askedhim not to propagate Christianity anymore and immediately and permanently stop conducting any kind of Christian meetings.

We urge the Church in India and around the globe to pray for the Indian state of Uttar Pradesh which is now become a place where Christian persecution is escalating and becoming predominantly rampant. Uttar Pradesh has seen a rise in hate crimes against Christians. Persecution Relief has recorded 109 cases in 2019 alone.

Persecution Relief has recorded 330 incidents of hate crimesagainst Christians in 2016, 440 incidents in 2017, 477 incidents in 2018 and in 2019  we have recorded 523 incidents of Christian Persecution against Christians  in India.

US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ranked India’s persecution severity at “Tier 2” along with Iraq and Afghanistan. Over the past seven years, India has risen from No. 31 to No. 10 on Open Doors’ World Watch List, ranking just behind Iran in persecution severity.

 

________________________________________________________

HINDI

 

पुलिस ने पासबान को पुनः धर्म परिवर्तन करने के लिए डराया-धमकाया, और गिरफ्तारी की धमकी दी, उत्तर प्रदेश।

रेव्ह. एन्ड्रू और रेव्ह. जॉन जॉय ने, जो हिमालय एवेंजिलिकल मिशन के साथ सेवा करते हैं, एक कठिन स्थिति के बारे में पर्सिक्युशन रिलीफ के साथ बात की जिसका सामना उनके एक पासबान सुजीत मसीह के द्वारा किया गया था जो पिछले 15 सालों से उनके साथ जुड़े हुए हैं।

पास्टर सुजीत मसीह और उनका परिवार सियारापार नामक गांव में किराये के मकान में रहता है, जो सिद्धार्थनगर के बंसी तहसील में स्थित है, जो भारत के राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है।

वे उसी स्थान पर ‘गृह कलीसिया’ भी चलाते हैं, जहाँ प्रति रविवार आराधना के लिए लगभग 30 मसीही परिवार एक साथ इकट्ठे होते हैं।  गरीबी की मार झेलते हुए और ऐसे काम के लिए उचित भवन या भूमि का प्रबन्ध करने में असमर्थ होते हुए, वे सभी उस पासबान के किराये के घर में एक साथ इकट्ठे होते हैं।

10/01/2020 को, वह पासबान और उसकी पत्नी अपने तीन अन्य मसीही परिवारों की मौज़ूदगी में बहन राज कुमारी के घर में प्रार्थना सभा के लिए गए थे।

जब सभा की प्रक्रिया आगे बढ़ी, तो उन्होंने पवित्र बाइबल से भजन संहिता की पुस्तक को पढ़ते हुए कुछ समय बिताया तभी अचानक से किसी व्यक्ति ने घर के बाहर से बहन राज कुमारी को जोर से चिल्लाकर बाहर बुलाया। जैसे ही वह बाहर आई तो उसने उस पड़ोसी को देखा जो सामने के घर में रहता था, श्री अमन तिवारी ने, जो अत्यंत उत्सुक प्रतीत होते थे, उससे पूछा कि उसके घर के भीतर क्या हो रहा था। उसने शांति से जवाब दिया कि वे साथ मिलकर प्रार्थना कर रहे थे। तब उसने उससे पूछा कि क्या वह उसे पढ़ने के लिए कुछ मसीही सामग्री दे सकती है, जैसे पवित्र बाइबल। अपने पड़ोसी के इरादों से पूरी तरह से बेखबर होते हुए, वह आनंद से भीतर गई और गिडियन नया नियम बाइबल लेकर बाहर आई और इसे भेंट के रूप में उसे दे दिया।

जैसा पासबान के द्वारा पर्सिक्युशन रिलीफ को बताया गया था, “करीब-करीब रात 8:30 बजे जब मैं सभा को समाप्त कर रहा था, तभी कुछ पुलिसवाले अचानक से पहुंच गए और मुझ से कहा कि खाली कागज़ पर अपना नाम और पता, मेरी पत्नी का नाम पता, बच्चों के नाम और स्कूल का नाम लिखो। मैंने उनसे कहा कि मैं एक घंटे में पुलिस स्टेशन आ जाऊंगा, परन्तु उन्होंने यह कहते हुए सुनने से इंकार कर दिया कि उनके वरिष्ठ अधिकारी ने उन पर बहुत अधिक दबाव डाला है और उन्हें शीघ्रता से मुझे बंसी पुलिस स्टेशन ले जाने की आवश्यकता होगी। वहाँ पर उन्होंने मुझ पर धर्म परिवर्तन में संलग्न होने का इलज़ाम लगाना शुरू कर दिया।” उन पुलिस अधिकारियों ने, जिनका नाम मालूम नहीं है, पासबान को धमकी दी कि यदि उसने यीशु मसीह को नहीं छोड़ा तो वे उसे और उसके परिवार को जेल की सलाखों के पीछे डाल देंगे और उनके विरुद्ध FIR दर्ज कर देंगे।

पड़ोसी श्री अमन तिवारी ने, जिसने चालाकी से बाइबल लिया था, धूर्तता से पुलिस को उस प्रार्थना सभा के बारे में सूचित किया था और धर्म परिवर्तन के लिए पासबान पर झूठा इलज़ाम लगाया था।

इसी बीच, हमारी पर्सिक्युशन रिलीफ प्रतिनिधि बहन मीनाक्षी ने पहले पासबान की पत्नी से बात की और अपने विश्वास में मज़बूत होने के लिए उसे प्रोत्साहित किया और फिर इंस्पेक्टर शैलेश सिंह से बात की और उससे पूछ-ताछ की। परमेश्वर की कृपा और अनुग्रह के द्वारा, उस पासबान को रात 9:30 बजे रिहा कर दिया गया परन्तु उससे कहा गया कि 11/01/2020 की सुबह अपनी पहचान के दस्तावेज़ के साथ वापस आए।

वह पासबान जल्दी से पुलिस स्टेशन वापस गया परन्तु निरुत्साहित हो गया जैसा कि पुलिस ने, लगभग धमकी भरे अन्दाज़ में, उससे कहा कि अब आगे से मसीहियत का प्रचार-प्रसार मत करो और किसी भी प्रकार की मसीही सभाओं का आयोजन करना तुरन्त ही और हमेशा के लिए बन्द कर दो।

हम भारत की कलीसिया और पृथ्वी के चारों ओर की कलीसिया से विनती करते हैं कि भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के लिए प्रार्थना करें जो अब ऐसा स्थान बन गया है जहाँ मसीही सताव बढ़ रहा है और प्रबलता से उग्र हो रहा है। उत्तर प्रदेश ने मसीहियों के प्रति नफरत के अपराधों में वृद्धि को देखा है। पर्सिक्युशन रिलीफ ने केवल 2019 में 109 प्रकरणों को दर्ज किया है।

पर्सिक्युशन रिलीफ ने 2016 में मसीहियों के विरुद्ध नफरत के अपराधों की 330 घटनाओं,  2017 में 440 घटनाओं, 2018 में 477 घटनाओं को दर्ज किया है और 2019 में हमने भारत के मसीहियों के विरुद्ध मसीही सताव के 523 घटनाओं को दर्ज किया है।

यू एस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारत की सताव की कठोरता को ईराक और अफगानिस्तान के साथ “स्तर 2” की श्रेणी पर रखा था। पिछले सात वर्षों के दौरान, सताव की कठोरता में बस ईराक से श्रेणी में पिछड़ते हुए, ओपन डोरस’ वर्ल्ड वाच लिस्ट पर भारत 31 वें नम्बर से 10 वें नम्बर पर ऊपर चला गया है।



DISCLAIMER:
Persecution Relief wishes to withhold personal information to protect the victims of Christian Persecution, hence names and places have been changed. Please know that the content and the presentation of views are the personal opinion of the persons involved and do not reflect those of Persecution Relief. Persecution Relief assumes no responsibility or liability for the same. All Media Articles posted on our website, are not edited by Persecution Relief and is reproduced as generated on the respective website. The views expressed are the Authors/Websites own. If you wish to acquire more information, please email us at: persecutionrelief@gmail.com or reach us on WhatsApp: +91 9993200020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *