यीशु में अपने विश्वास के लिए कट्टरपंथियों के द्वारा पास्टर को निशाना बनाया गया, महाराष्ट्र

मैं चंगाई के लिए अपनी पत्नी को अनेक स्थानों में ले गया था; जिनमें मन्दिर, तान्त्रिक, इत्यादि शामिल हैं।हमने पूजा पाठ में बहुत सारा धन खर्च किया था परन्तु कोई राहत नहीं मिलीप्रिया के पति पास्टर रवि नेकहा।

यह तब तक हुआ जब तक उस दम्पत्ति ने पवित्र आत्मा में मसीही प्रार्थनाओं को और इस बात को नहीं जाना थाकि जब विश्वासी प्रार्थना करते हैं, तो परमेश्वर छुटकारा देता है और आश्चर्यजनक रूप से चंगा करता है।

प्रिया ने इसी रीति से 4 साल पहले दुष्ट आत्मा से अपना छुटकारा पाया था। पवित्र आत्मा परमेश्वर ने उसकेहृदय को छुआ था और उसे और उसके पति को भर दिया था, जिसने इसके परिणामस्वरूप यीशु मसीह काअनुसरण करना आरंभ कर दिया था।

फिर भी, इस कहानी ने सबका ध्यान खींचा था।हमारे समुदाय से कुछ धार्मिक कट्टरपंथी इस बात पर चकितहो गए थे कि किस प्रकार किसी खर्च के बिना, किसी डॉक्टर या तान्त्रिक बाबाओं के पास जाए बिना, दूरस्थानों में जाए बिना, लोग मुफ्त में चंगे हो रहे हैं, घर में बैठे बैठे, और उन्होंने पूछना आरंभ कियायह ईश्वरकौन है?’”

रवि, जो अब पास्टर है, ने चुड़ैलों और जादूगरों के उद्यम को सूचित किया था कि यदि मसीही प्रार्थना सभाएंजारी रहती हैं, तो उनका पूरा कबीला मसीह को स्वीकार करना आरंभ कर देगा और उनके व्यवसाय को बर्बादकर देगा, इस प्रकार उन्होंने स्वयं निर्धारित किया था कि तुरन्त ही प्रार्थना सभाओं को रोक दिया जाए।

अनेक लोग मसीही आराधना सभाओं के द्वारा चंगे हो गए थे तथा और अधिक भीड़ इस मुफ्त सेवाओं मेंशामिल होने के लिए आकर्षित हो गई थी, जिसने पास्टर रवि के कबीले के कट्टरपंथियों को फेर दिया था, किउसके विरुद्ध हो जाएं।   

उन्होंने धमकाने के विभिन्न तरीकों को काम में लाया था। उनमें से कुछ लोग जिन्होंने स्थानीय ग्रामीण समुदायको भड़काया था वे आपस में सहमत थे कि 1100 रूपये के अर्थदण्ड के तहत मसीहियों को गांव में सभाओं सेऔर लोगों से बात करने से रोका जाए।   

यदि पास्टर रवि नहीं मानता है तो धार्मिक कट्टरपंथियों के दल को उसे मारने के लिए भेजने के द्वाराकट्टरपंथियों ने व्यक्तिगत रूप से उसे धमकाया था।   

अब कट्टरपंथी अपने बचाव में, मसीही विवाह उत्सव में घुस गए थे और सभी को धमकाया था।

पास्टर रवि को कोंडाली पुलिस स्टेशन पर कट्टरपंथियों के विरुद्ध लिखित शिकायत जमा करनी पड़ी थी।पुलिस ने कट्टरपंथियों को गिरफ्तार कर लिया परन्तु फिर बहुत जल्द ही उन्हें रिहा कर दिया था।

पास्टर रवि के गांव में 30 से अधिक मसीही परिवार और कुल 500 परिवार रह रहे हैं, वे इन कट्टरपंथियों केकारण सताव का सामना कर रहे हैं जो ग्रामीणों को उनके बीच मसीहियों के विरुद्ध भड़का रहे हैं ठीक वैसे हीजैसे शास्त्री एवं फरीसी यहूदियों को फुसला रहे थे कि पौलुस को सताएं और उसे गिरफ्तार करें, जिससे लोगोंको मसीह के सन्देश को सुनने से रोका जाए।   

1) आइए हम प्रार्थना करें कि ये कट्टरपंथी अपने अनुचित आचरण से पश्चाताप करें, कि वे स्वयं ही पवित्रआत्मा परमेश्वर के द्वारा स्पर्श किये जाएं, अपराध बोध का एहसास करें और उसके प्रेम से भरपूर हो जाएं, ताकि वे परमेश्वर के प्रेम की सामर्थ को जानें जो हृदयों को रूपांतरित करता है और छुटकारा देता है।

2) आइए हम उनके उद्धार और छुटकारे के लिए प्रार्थना करें, कि वे प्रभु यीशु अपने उद्धारकर्ता को पहचानें।आइए हम प्रार्थना करें कि पुलिस भी न्याय के साथ कार्यवाही करे और निष्पक्षता से पूछताछ करे। यह कि वेधर्म की आत्मा से छुटकारा पाएं जो उनकी आंखों को अंधा कर रही है और उस सच्चे परमेश्वर को पहचानने सेउन्हें रोक रही है।

3) आइए हम समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें, जिससे कोई हानि उन्हें छू नहीं पायेगी, किशैतान की प्रत्येक योजना यीशु के नाम में टूट जाए।   

2020 के पहले भाग में, पर्सिक्यूशन रिलीफ ने मसीही सताव के 293 मामलों को दर्ज़ किया था। 2018 में 447 मामलों, 2017 में 440 मामलों, और 2016 में 330 मामलों की तुलना में हमने केवल 2019 में ही 527 मामलोंकी अधिकतम संख्या को दर्ज़ किया था। जनवरी 2016 से लेकर जून 2020 तक, पर्सिक्यूशन रिलीफ ने भारतमें मसीहियों के विरुद्ध नफरत के अपराधों के 2067 मामलों को दर्ज़ किया है।   

अपनी 2020 की रिपोर्ट में, इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) पर यू एस कमीशन ने भारत कोकन्ट्रीस ऑफ पर्टिकुलर कन्सर्न’(CPC) के तहत निम्नतम श्रेणी पर पदावनत किया है। यू एस स्टेटडिपार्टमेंट ने ईराक और अफगानिस्तान के साथ भारत के सताव की कठोरता कोस्तर 2” के क्रम पर रखाथा। पिछले सात वर्षों के दौरान, ओपन डोर्स, वर्ल्ड वाच लिस्ट पर भारत 31वें नम्बर से 10वें नम्बर तक ऊपर गया है, और सताव की कठोरता में क्रम में बस ईरान के पीछे है।



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