कट्टरपंथीयों द्वारा रविवारीय आराधना सेवा को रोका गया, बिहार

 

जनवरी 2016 से सितंबर 2020 तक, प्रेसिक्युश रिलीफ ने भारत में मसीही सतावट के 2224 मामले दर्ज किए हैं।
प्रेसिक्युशन रिलीफ ने अबतक बिहार के भागलपुर जिले के सबौर सी. डी के अंतर्गत गावं बाबूपुर में मसीही आराधना सभा में 11/10/2020 को हुई हमले को दर्ज किया |

इंडिया मिशन में कार्य करने वाले पास्टर विनोद इस हमले के बारें में प्रेसिक्युश रिलीफ को सुचना दी |

“पादरी विंसेंट चेरियन ने प्रेसिक्युशन रिलीफ को सूचना दी कि “लगभग 10 बजे हम बिहार के भागलपुर जिले के बाबूपुर में एक किराये की झोपड़ी में अपनी रविवारीय आराधना शुरू करने जा रहे थे। तुरंत, कुछ कट्टरपंथियों ने चिल्लाया “तुम प्रार्थना सभा नहीं चला सकते!” उन्होंने मेरा कॉलर को पकड़ा और मुझे धमकाया और हमारे विश्वासी सुजीत कुमार को भी पीटा, जो रिकॉर्डिंग कर रहा था |

पुलिस को सुचना मिला और उन्होंने आकर कट्टरपंथियों को चेतावनी दी कि उन्हें यदि कोई समस्या है, प्रार्थना सभा में हस्तक्षेप करने के बजाय अधिकारियों के पास जाकर शिकायत करें, क्योंकि मसीहियों को आराधना करने की स्वतंत्रता है।

इस हमले के बाद, रविवार की आराधना आयोजित नहीं की जा सकी और नाराज कट्टरपंथियों ने कसम खाया कि अगले रविवार को भी वे किसी को भी प्रार्थना सभा करने की अनुमति नहीं देंगे।

इस रुकावट को परमेश्वर के सामर्थी हाथों से दूर करने के लिए एवं रविवार सभा को बिना किसी गड़बड़ी के चलने देने के लिये प्रार्थना करें ।

आइए प्रार्थना करें कि हमारे मसीही भाई बिना किसी समझौता के परमेंश्वर की सेवा करने एवं आराधना करने हेतु उत्साह रखने के लिए मजबूत हो जायें।”क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।”- 1 पतरस 3:17
“धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।”- मती 5:10

“मसीह के लिए, तो, मैं दुर्बलता, अपमान, कष्ट, सतावट के साथ संतुष्ट हूँ। क्योंकि जब मैं कमज़ोर हूं, तब मैं मजबूत हूं”। आइये इस अवसर के लिए प्रभु की स्तुति करें क्योंकि यह हमारी कमजोरी में है कि उनकी महिमा प्रकट होती हैं ।

विश्वासियों एवं पास्टर के सुरक्षा के लिए आइयें प्रार्थना करें |

कट्टरपंथीयों के उद्धार के लिए आइयें प्रार्थना करें |

बिहार के आगामी चुनाव के लिए, निष्पक्ष रूप से निर्वाचित होने लिए प्रार्थना करते हैं।

अकेले 2019 में, प्रेसिक्युशन रिलीफ ने 2018 में 447 मामलों की तुलना में, 2017 में 440 मामलों और 2016 में 330 की तुलना में अधिकतम 527 मामले दर्ज किए। जनवरी 2016 से जून 2020 तक, प्रेसिक्युशन रिलीफ ने भारत में मसीहीयों के खिलाफ घृणा से सम्बंधित अपराधों के 2067 मामले दर्ज किए हैं।

यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने अपनी 2020 की रिपोर्ट में भारत को सबसे निचली रैंकिंग, कंट्रीज ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न ’(CPC) में पे लुढका दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक और अफगानिस्तान के साथ “टीयर 2” में भारत में सतावट को कठोरता/क्रूरता का स्थान दिया। पिछले सात वर्षों में, भारत ओपन डूअर्स की वर्ल्ड वॉच लिस्ट में सतावट की कठोरता में ईरान के ठीक पीछे रैंकिंग नंबर 31 से 10वें स्थान पर पहुंच गया है ।



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